भूखे को भोजन देना और प्यासे को पानी पिलाना दुनिया का सब से बड़ा दान है। भोजन देने के बाद जब भूख शान्त हो जाती है तभी हर वस्तु सुन्दर दिखाई देती है। अगर दो - तीन दिन का भूखा व्यक्ति है उसे नोटों की गड्डी दो या सोने चाँदी दो तो वह पहला काम अपना पेट भरने की जुगत करेगा। पेट भरने के बाद ही उसे धन दौलत अच्छी लगेगी। भूखे व्यक्ति को रोटी का निवाला ही सर्वश्रेष्ठ है न कि नोटों की गड्डी। पेट की भूख शांत होने के बाद ही अन्य वस्तुओं की भूख जागृत होती है। प्यास से व्याकुल आदमी को सिर्फ एक ही चाह होती है पानी हाय पानी। पानी ही जीवन है , पानी न मिलने पर जीवन , मृत्यु के समान हो जाती है , तभी तो कहा गया है - जल ही जीवन है।



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